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शुक्रवार, 23 फरवरी 2024

फिर विपक्षी एकता में फूट! ममता- केजरीवाल की मुलाकात पर भड़के अधीर रंजन, बोले- ये कांग्रेस को खत्म करने पर तुले

274 days ago   -    121 views

PFL News - फिर विपक्षी एकता में फूट! ममता- केजरीवाल की मुलाकात पर भड़के अधीर रंजन, बोले- ये कांग्रेस को खत्म करने पर तुले

नीतीश कुमार, शरद पवार समेत तमाम नेता 2024 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कवायत में लगे हैं. इसी बीच एकजुट विपक्ष के मिशन में एक बार फिर फूट पड़ती दिखाई दे रही है. कोलकाता में ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात को लेकर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने दोनों नेताओं पर निशाना साधा है. अधीर रंजन ने कहा है कि आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस को खत्म कर खुद फल फूलने का है. 
दरअसल, दिल्ली पर केंद्र के अध्यादेश के मुद्दे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल विपक्षी देशव्यापी समर्थन जुटाने की कोशिशों में लगे हैं. वे लगातार विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी. केजरीवाल इसी सिलसिले में आज मुंबई में शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे. हालांकि, कांग्रेस ने इस पूरे विवाद से किनारा कर लिया है.

अब लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने केजरीवाल और ममता की मुलाकात पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, भाजपा के खिलाफ 'महाजोत' के लिए कोलकाता में सभाएं आयोजित करने की कोई आवश्यकता नहीं है. ममता दीदी और केजरीवाल दोनों के आपस में घनिष्ठ संबंध हैं लेकिन अगर आप गौर करें तो दोनों पार्टियों का इरादा कांग्रेस को खत्म करके फलने-फूलने का है. इनका एकमात्र मकसद कांग्रेस को खत्म करना है. ये कभी भी भाजपा के खिलाफ नहीं लड़ना चाहते. 

उन्होंने कहा, मोदी और बीजेपी पार्टी का चुनाव चिन्ह भगवान श्री राम हैं, केजरीवाल का चुनाव चिन्ह भगवान श्री हनुमान हैं. एक तरफ राम भक्त बीजेपी और मोदी हैं तो दूसरी तरफ हनुमान भक्त केजरीवाल. वे बीजेपी से हिंदुत्व का तख्ता छीनने की कोशिश कर रहे हैं.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, एक तरफ दीदी हैं, जो दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए 50 हजार रुपये देती हैं. वे भी हिंदुत्व की इस प्रतियोगिता में शामिल हैं. सभी यह साबित करने में जुटे हैं कि कौन सबसे बड़ा हिंदू है. इसलिए इन दोनों दलों, आप और टीएमसी का उद्देश्य बीजेपी के साथ ब्लो हॉट-ब्लो कोल्ड रिलेशन रखकर कांग्रेस को हटाना है. उन्होंने कांग्रेस की कुछ बहुत अच्छी सीटों में सेंध लगाई. दीदी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान भाजपा के खिलाफ एक भी बात नहीं बोली. अब भारत के लोग मोदी से मायूस हो चुके हैं. अब जब लोग मोदी के खिलाफ हो गए हैं, तो ये दल प्रासंगिक होने की कोशिश कर रहे हैं. 

केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष का समर्थन जुटा रहे केजरीवाल

दरअसल, दिल्ली में केजरीवाल सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला दिया था. इसमें निर्वाचित सरकार को अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार 'राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण' बनाने का अध्यादेश लेकर आई है. इस अध्यादेश को कानूनी अमलाजामा पहनाने के लिए छह महीने में संसद से पास कराना जरूरी है. हालांकि, छह महीने के भीतर संसद से पास नहीं होता है तो ये अध्यादेश स्वत: समाप्त हो जाएगा.ऐसे में केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने देशव्यापी समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है.

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